शीर्षक : दुल्हन एक रूपये की
लेखक : केशव पंडित
केशव पंडित के उपन्यासों के कवर के इलावा पाठकों की रूचि जगाने के लिए उसके शीर्षक भी चौकाने वाले बनाये जाते हैं। आजकल इन्टरनेट के जमाने में न्यूज़ वेबसाइट्स जब इस विधा का प्रयोग करते हैं तो उसे क्लिक बैट कहा जाता है। उस वक्त उपन्यास के लिए कवर के इलावा शीर्षक भी ग्राहकों का रुझान अपनी तरफ मोड़ने का हथियार थे।
अब इसी उपन्यास के शीर्षक को देख लीजिये। अगर आप एक बार पढेंगे तो आपके मन में कहानी को लेकर एक कोतुहल तो जागेगा ही। आप इसे उठाएंगे और ये जानना चाहेंगे कि आखिर इस एक रूपये की दुल्हंन का क्या राज है? क्यों है न?
लेखक : केशव पंडित
केशव पंडित के उपन्यासों के कवर के इलावा पाठकों की रूचि जगाने के लिए उसके शीर्षक भी चौकाने वाले बनाये जाते हैं। आजकल इन्टरनेट के जमाने में न्यूज़ वेबसाइट्स जब इस विधा का प्रयोग करते हैं तो उसे क्लिक बैट कहा जाता है। उस वक्त उपन्यास के लिए कवर के इलावा शीर्षक भी ग्राहकों का रुझान अपनी तरफ मोड़ने का हथियार थे।
अब इसी उपन्यास के शीर्षक को देख लीजिये। अगर आप एक बार पढेंगे तो आपके मन में कहानी को लेकर एक कोतुहल तो जागेगा ही। आप इसे उठाएंगे और ये जानना चाहेंगे कि आखिर इस एक रूपये की दुल्हंन का क्या राज है? क्यों है न?
















